25 February 2026

 

श्रीअञ्जनी कुमार की आरती

आरती श्रीअञ्जनी कुमार की,
शिवस्वरूप मारुती नंदन,
केसरी-सुअन कलियुग कुठार की।।

हिय में राम-सीय नित राखत,
मुखसो राम-नाम गुण भाखत,
सुमधुर भक्ति-प्रेम रस चाखत,
मंगलकर मंगलाकार की
आरती श्रीअञ्जनी कुमार की।।

विस्मृत-बल-पौरुष, अतुलित बल,
दहज दनुज-वन हित, दावानल,
ज्ञानी-मुकुट-मणि, पूर्ण गुण सकल,
मंजु-भूमि-शुभ सदाचार की।
आरती श्रीअञ्जनी कुमार की।।

मन-इन्द्रिय विजयी, विशाल मति,
कलानिधान, निपुण गायक अति,
छन्द-व्याकरण-शास्त्र अमित गति,
रामभक्त अतिशय उदार की।
आरती श्रीअञ्जनी कुमार की।।

पावन परम सुभक्ति प्रदायक,
शरणागत को सब सुख दायक ,
विजयी वानर सेना नायक,
सुगति-पोत के कर्णधार की।

आरती श्रीअञ्जनी कुमार की,
शिवस्वरूप मारुती नंदन,
केसरी-सुअन कलियुग कुठार की।।

श्रीरामचन्द्र जी की जय , बजरंगबली की जय

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